हे प्रभु !
आपकी लीला का मूक दर्शक
बन कर खड़ा हूँ
एक अबोध बालक के समान ,
जिज्ञासा से भरा हुआ
मात्र घटनाओं का साक्षी बन ,
मात्र अनुमानों की नदी में
गोता लगाता
मात्र ये सोचता कि
इसका अर्थ यह है
उसका अर्थ वह है
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
आपकी लीला का मूक दर्शक
बन कर खड़ा हूँ
एक अबोध बालक के समान ,
जिज्ञासा से भरा हुआ
मात्र घटनाओं का साक्षी बन ,
मात्र अनुमानों की नदी में
गोता लगाता
मात्र ये सोचता कि
इसका अर्थ यह है
उसका अर्थ वह है
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
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