Wednesday, 25 June 2014

जिस प्रकार ...



हे प्रभु  !

समुद्र को देखता हूँ 
लहरें ढेर सारी -

कोई छोटी  लहर 
कोई बड़ी लहर -

सभी लहरें -
लगातार दौड़ रहीं है

कुछ मिलकर 
तो कुछ अलग अलग 
दौड़ रहीं हैं ,

किंतु सबका गंतव्य 
एक ही है और -
वह है समुद्र का किनारा ,

बिलकुल उसी प्रकार 
जिस प्रकार -
आप हो लक्ष्य हमारा . 

हे प्रभु ! हे प्रभु !!

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