Monday, 9 June 2014

प्रार्थना ...

हे प्रभु !

जगत का कल्याण कर
निर्बलों में  प्राण भर 
जगत  का कल्याण कर।  

कर सदा सहयोग सबका 
मार्ग सबका कर प्रशस्त 
आप सबका सूर्य बनना 
जब हो हमारा सूर्य अस्त ,

ऊँगली पकड़ना, यदि गिरें 
हो जाएँ यदि हम निढाल 
दौड़ कर आकर प्रभु जी -
आप हमको लेना सँभाल ,

बिन सहारे आपके हम ,
जा ना  पाएंगे उस पार,
करो कृपा अब ओ प्रभु 
शीश झुकाता है  संसार।  

हे प्रभु !

जगत का कल्याण कर
निर्बलों में  प्राण भर 
जगत  का कल्याण कर। 

हे प्रभु ! हे प्रभु !!


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