हे प्रभु !
आप शाश्वत हैं , कालजयी हैं, अनंत हैं
इसलिए भ्रम होता है कि
आपकी सृष्टि दुरूह है ,अनबूझ है
ऐसा केवल भ्रम होता है .
जबकि आप सरस हो
नदी की बहती जलधारा के समान ,
आप सरल हो जैसे
एक नवजात बच्चे की मुस्कान।
आप हो सनातन ,जीवन के रचयिता हो -
हमें प्राण देने वाले परमेश्वर हो,परम पिता हो।
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
आप शाश्वत हैं , कालजयी हैं, अनंत हैं
इसलिए भ्रम होता है कि
आपकी सृष्टि दुरूह है ,अनबूझ है
ऐसा केवल भ्रम होता है .
जबकि आप सरस हो
नदी की बहती जलधारा के समान ,
आप सरल हो जैसे
एक नवजात बच्चे की मुस्कान।
आप हो सनातन ,जीवन के रचयिता हो -
हमें प्राण देने वाले परमेश्वर हो,परम पिता हो।
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
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