Wednesday, 4 June 2014

ठीक करो मेरे दोषों को...

हे प्रभु !

आपका नाम लेकर भी 
पग- ठोकर खाने से बाज नहीं आते ,

नहीं होता नियंत्रण, अनुशासन 
आपकी  स्मृति से भी ,

होता है  विद्रोह आपके मार्ग को छोड़ 
देने के लिए ,

मन की इस शोचनीय अवस्था के साथ 
उपस्थित हूँ ,

दया करो, ठीक करो मेरे दोषों को ,
मुझमें नहीं और क्षमता
स्वयं को निर्मल रख सकने की ,

हे प्रभु ! हे प्रभु!!

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