Thursday, 19 June 2014

आपकी मुक्त हंसी तो ...



हे प्रभु !

इंन्द्रधनुषी तितली को 
देखा तो विचार आया , इसे  
आपने कैसे बनाया ?

इतनी सुन्दर ,
इतनी मोहक,

आपकी किसी 
स्मित मुस्कान ने तो नहीं ले लिया 
तितली का रूप ,

यदि यह सत्य  है 
तो, आपकी मुक्त हंसी तो 
मंत्रमुघ्ध करती होगी।

हे प्रभु ! हे प्रभु !!

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