हे प्रभु !
आप तो सृष्टा हो,
बनाये आपने बादल ,
धरा और आकाश आपने ही बनाया
बनाया सूरज
चाँद भी बनाया ,
लिखा हम सब का प्रारब्ध भी आपने
प्रभु !
सब कुछ तो हुआ है आपके ही
कर कमलों से ,
इन्हीं कर कमलों से ही तो
बनी है हम सबकी काया भी।
आपके अप्रतिम सामर्थ्य को
शीश झुका - करता नमन ,
मैं बारम्बार ,बारम्बार
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
आप तो सृष्टा हो,
बनाये आपने बादल ,
धरा और आकाश आपने ही बनाया
बनाया सूरज
चाँद भी बनाया ,
लिखा हम सब का प्रारब्ध भी आपने
प्रभु !
सब कुछ तो हुआ है आपके ही
कर कमलों से ,
इन्हीं कर कमलों से ही तो
बनी है हम सबकी काया भी।
आपके अप्रतिम सामर्थ्य को
शीश झुका - करता नमन ,
मैं बारम्बार ,बारम्बार
हे प्रभु ! हे प्रभु !!
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